विदेशी निवेश एवं अनिवासी भारतीय सैल

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भारत, चीन के बाद विश्व का द्वितीय सर्वाधिक व्यापक क्षेत्र हैं जहाँ सभी छह महाद्वीपों में पर्याप्त जीवन विद्यमान है। अनिवासी भारतीयों तथा भारतीय मूल के लोगों ने ज्ञान और दक्षता का अंतरण किया है, सम्प्रेषण के माध्यम से भारत की आय में वृद्धि की है तथा हाल ही में विशाल उद्यमी ऊर्जा का माध्यम बना है जिससे भारत की सूचना प्रौद्योगिक (IT) और उससे जुडे हुए सेवा(ITES) सैक्टरों में वृद्धि हुई हैं।
 

राज्य में विदेशी निवेश को आकर्षित करने तथा अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के लोगों के सम्पत्ति, विवाह सम्बन्धी झगड़ों और कानून-व्यवस्था आदि से जुड़ी हुई समस्याओं के समाधान के लिए मार्गदर्शन और सलाहकारी सेवाएँ मुहैया कराने के लिए एक विदेशी निवेश एवं अनिवासी भारतीय कक्ष का गठन किया है। सम्बन्धित मामलों पर विचार करने तथा मुख्यमंत्री, हरियाणा की अध्यक्षता में उच्च स्तर पर एक सलाहकार समिति का गठन किया गया है। HSIIDC की वेबसाइट पर पहले से एक वेबपेज ‘कनक्ट हरियाणा फारम’ बनाया हुआ है जो विदेशी निवेशकों, अनिवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के लोगों के लिए तथा एक डाटाबेस के निर्माण के लिए एकमात्र सम्पर्क के रूप में कार्य करता है।